विदेश करने जा रहे हैं नौकरी तो जरूर रखें अपने साथ यह कागजात

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नई दिल्ली: अगर आप खाड़ी देशों में नौकरी करने जा रहे हैं तो सावधान रहें। इसके लिए केन्द्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित विभाग में नामांकन करायें और सभी दस्तवेज तैयार करें जिससे बाद में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आये और अगर आती है तो ऐसे हालात में सरकार आपकी सहायता कर सके। आजकल विदेशों में नौकरी के नाम पर कई एजेंट जालसाजी में लगे हैं। उनके लुभावने वादों में आकर आप मुसीबत में फंस सकते हैं इसलिए सतर्क रहें।

हाल में कतर संकट के चलते सऊदी अरब में सैकड़ो भारतीय नागरिक फंस गए हैं। सऊदी अरब ने अपने यहां से कतर के नागरिकों को निकल जाने का आदेश दिया है। इनमें वे लोग शामिल हैं जो कतर के बड़े औद्योगिक घरानों के मालिकों के लिए काम करने के लिए गए थे। इनमें से अधिकतर के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं। इसलिए ये सऊदी अरब में ही अटक गये हैं।

गौरतलब है भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल जैसे कई दक्षिण एशियाई देशों के लोग सऊदी अरब में कतर के मालिकों के लिए घरेलू नौकर और खेती किसानी का काम करते हैं। इनमें से अधिकतर प्रवासी श्रमिक अवैध रूप से यहां रह रहे थे। कतर संकट के बाद सऊदी में रहने वाले इन श्रमिकों की जब जांच पड़ताल हुई तो ये पकड़े गए। इनमें से अधिकतर कतर के मालिकों ने उनकी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है और उन्हें खुद ही सऊदी अरब से बाहर निकल जाने को कहा है।

सऊदी अरब के मानवाधिकार समूहों ने पहले से ही बहुत कमजोर स्थिति में रहने वाले इन कामगारों के भविष्य को लेकर चिंता जतायी है। कतर की नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिटी के प्रमुख ने बताया है कि इन कामगारों को रहने की जगह और पैसों की बहुत तंगी झेलनी पड़ रही है। कमिटी के चेयरमैन अली बिन स्माइख अल-मारी ने कहा, बहुत सारे प्रवासी कामगारों पर इस फैसले का असर पड़ा है। प्रभावित होने वाले लोगों में ज्यादातर किसान हैं, जो कतर और सऊदी के बीच पशुधन को लाने-ले जाने का काम करते थे।

अल-मारी ने कहा, आम तौर पर ये कामगार कतर के लोगों के साथ यात्रा करते हैं। कई कतर नागरिक लोगों को खेतों में काम करने के लिए रखते हैं और कुछ को अपने घरेलू नौकर, ड्राइवर बना कर अपने साथ लेकर यात्रा करते हैं। कमिटी प्रमुख ने बताया कि ऐसे कई कामगारों को खुद कतर की यात्रा करने की अनुमति नहीं है और अब वे अवैध रूप से सऊदी अरब में रहने को मजबूर हैं। अल-मारी ने बताया, उनके पास रहने की जगह नहीं है और पैसे भी नहीं।

कतर में एक खास तरह के करार का चलन है, जिसमें कर्मचारी अपने मालिकों से साथ एक अनुबंध में बंधे होते हैं। अब तक पता नहीं चल सका है कि कतर के मालिकों ने अपने लिए काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को बिना सही कागजात दिये सऊदी में ही क्यों छोड़ दिया। कतर संकट के कारण इंसानों को ही नहीं बल्कि करीब 12,000 ऊंट और भेड़ों को भी पैदल रास्ते से सऊदी अरब से कतर की ओर लौटा दिया गया है। इसलिए सऊदी अरब या कतर में नौकरी करने जा रहे हैं तो अपने पास वैध पासपोर्ट और वीजा जरूर रखें।

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