मैं नौकरी चाहता तो आप इस जगह ना होते: जेटली पर यशवंत सिन्हा का पलटवार

0
43
नई दिल्ली.पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा और वित्त मंत्री अरुण जेटली देश की मौजूदा इकोनॉमी पर आमने-सामने आ गए हैं। सिन्हा ने एक आर्टिकल में मोदी सरकार की पॉलिसीज और अरुण जेटली के फैसलों पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में जेटली ने गुरुवार को इशारों में कहा था- “किसी को 80 साल की उम्र में नौकरी की तलाश है। सिन्हा ने इसके जवाब में कहा- “अगर मैं नौकरी चाहता तो वे (जेटली) इस जगह ना होते। बेटे जयंत सिन्हा के लेख पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दे को भटकाने की कोशिश है। और क्या कहा यशवंत सिन्हा ने …
– यशवंत सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा- “अगर देश की इकोनॉमी खराब है तो इसका जिम्मेदार वित्त मंत्री ही होगा ना कि गृह मंत्री। मैं भी व्यक्तिगत आरोप लगा सकता हूं, लेकिन मैं इस जाल में फसूंगा नहीं। राष्ट्रहित से बड़ा कोई हित नहीं। अगर मेरे सवालों से बेटे का करियर खराब होता हो तो हो जाए।”
जेटली ने क्या कहा था?
– गुरुवार को दिल्ली में अरुण जेटली ने कहा था कि आज ऐसे समय जब भारत 70 साल पूरे कर रहा है और मोदी सरकार के साढ़े तीन साल पूरे हो रहे हैं। कोई अस्सी की उम्र में पोस्ट की तलाश में है। वो अब अपना रिकॉर्ड चैक कर लें। हालांकि, जेटली ने साफ तौर पर सिन्हा का नाम नहीं लिया।
– जेटली ने कहा- “यूपीए-2 के दौरान नीतियों का क्या हाल था? क्या हम भूल गए? 15 फीसदी एनपीए था 1998 से 2002 के दौरान। क्या हम ये भी भूल जाएं कि 1991 में हमारे पास सिर्फ 4 बिलियन डॉलर फॉरेन रिजर्व बचा था। जेटली जिस वक्त का जिक्र कर रहे थे, उस दौरान सिन्हा फाइनेंस मिनिस्टर थे।”
– फाइनेंस मिनिस्टर जेटली ने एक बार फिर सिन्हा का नाम लिए बगैर कहा – जिस किताब को अभी लॉन्च किया गया है उसका टाईटल India @70, Modi @3.5 and a job applicant @ 80 होना चाहिए था। दअसल, जिस किताब को जेटली ने लॉन्च किया उसका टाईटल India @70 Modi @3.5 है।
यशवंत सिन्हा ने कहा था- इकोनॉमी पहले ही खराब दौर में थी, नोटबंदी ने आग में घी का काम किया
– यशवंत सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस में पब्लिश आर्टिकल में लिखा था कि अरुण जेटली को इस सरकार में सबसे बेहतर माना जाता है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले ही तय हो चुका था कि अगर मोदी सरकार बनी तो जेटली ही वित्त मंत्री होंगे। जेटली अमृतसर से चुनाव हार गए, लेकिन यह हार उनके अप्वाइंटमेंट में रुकावट नहीं बनी। 1998 में ऐसे ही हालात में अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने करीबी जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन को कैबिनट में शामिल नहीं किया था।
– उन्होंने आगे लिखा था कि इससे पहले वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन को भी वाजपेयी के करीबी होने के बावजूद मंत्री नहीं बनाया गया था। लेकिन जेटली को वित्त मंत्रालय के साथ ही रक्षा मंत्रालय भी मिला।
– सिन्हा ने लिखा है कि मोदी सरकार में जेटली कितने ज़रूरी हैं, इस बात का पता इससे चलता है कि जेटली को 4 मंत्रालय दिए गए, जिनमें से 3 अब भी उनके पास हैं।
– उन्होंने लिखा कि मैंने वित्त मंत्रालय संभाला है, मुझे पता है कि यह आसान काम नहीं है। यह चौबीस घंटे सातों दिन का काम है, जिसे जेटली जैसे सुपरमैन भी पूरा नहीं कर सकते हैं।
यशवंत को बेटे जयंत ने दिया था जवाब, कहा – जीएसटी और नोटबंदी गेम चेंजर
– केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने गुरुवार को एक आर्टिकल में लिखा- “जीएसटी, नोटबंदी और डिजिटल पेमेंट जैसी पॉलिसीज इकोनॉमी के लिए गेम चेंजर साबित हुई हैं। बीते एक या दो क्वार्टर में जो जीडीपी ग्रोथ दिखाई गई है, वो आने वाले दिनों में पड़ने वाले असर को ठीक से नहीं दिखाती। स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स न्यू इंडिया के लिए जरूरी हैं। इससे करोड़ों लोगों को नौकरियां मिलेंगी। नई इकोनॉमी ज्यादा ट्रांसपेरेंट, इनोवेटिव और दुनिया की कीमतों से टक्कर लेने वाली होगी। नई इकोनॉमी में हर शख्स को अपनी जिंदगी बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।”

LEAVE A REPLY